इन-हैंड सैलरी कैलकुलेटर FY 2026–27

CTC से इन-हैंड: नई या पुरानी व्यवस्था में आयकर, कर्मचारी PF और प्रोफेशनल टैक्स, FY 2026–27 के स्लैब के साथ। ₹10 लाख की सैलरी पर नई व्यवस्था में हर महीने लगभग ₹78,133 इन-हैंड मिलते हैं (साल का टैक्स ₹0); पूरी 80C के साथ पुरानी व्यवस्था में ₹71,892।

आपकी सैलरी

ग्रॉस सैलरी (CTC में से नियोक्ता PF हटाकर)
कर व्यवस्था
बेसिक सैलरी (ग्रॉस का %)
प्रोफेशनल टैक्स / वर्ष
पुरानी व्यवस्था की कटौतियाँ
80C (PF सहित, अधिकतम 1.5 लाख)
HRA छूट / अन्य

FY 2026–27: नई व्यवस्था में 0–30% स्लैब, ₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन, ₹12 लाख तक कर योग्य आय पर शून्य टैक्स (रिबेट), 4% सेस। पुरानी व्यवस्था: ₹50,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन, 80C, HRA।

इन-हैंड सैलरी

93.8%इन-हैंड
₹78,133
इन-हैंड सैलरी प्रति माह
कुल (ग्रॉस) ₹83,333
प्रभावी कर दर 0.2%सीमांत दर 10.4%कुल कटौती ₹2,400
प्रोफेशनल टैक्स 0.2%कटौतियाँ 6.0%इन-हैंड 93.8%
मदमासिकसालाना
ग्रॉस सैलरी₹83,333₹10,00,000
Employee PF (12% of basic)−₹5,000−₹60,000
Professional tax−₹200−₹2,400
इन-हैंड सैलरी₹78,133₹9,37,600

CTC के हिसाब से इन-हैंड सैलरी: नई बनाम पुरानी व्यवस्था

सैलरीटैक्स (नई)इन-हैंड / माह (नई)टैक्स (पुरानी, 80C 1.5L)इन-हैंड / माह (पुरानी)
₹3 लाख₹0₹23,300₹0₹23,300
₹4 लाख₹0₹31,133₹0₹31,133
₹5 लाख₹0₹38,967₹0₹38,967
₹6 लाख₹0₹46,800₹0₹46,800
₹7 लाख₹0₹54,633₹0₹54,633
₹8 लाख₹0₹62,467₹33,301₹59,692
₹9 लाख₹0₹70,300₹54,101₹65,792
₹10 लाख₹0₹78,133₹74,901₹71,892
₹11 लाख₹0₹85,967₹95,701₹77,992
₹12 लाख₹0₹93,800₹1,16,501₹84,092
₹13 लाख₹26,000₹99,467₹1,47,451₹89,346
₹14 लाख₹81,900₹1,02,642₹1,78,651₹94,579
₹15 लाख₹97,500₹1,09,175₹2,09,851₹99,812
₹16 लाख₹1,13,100₹1,15,708₹2,41,051₹1,05,046
₹18 लाख₹1,50,800₹1,28,233₹3,03,451₹1,15,512
₹20 लाख₹1,92,400₹1,40,433₹3,65,851₹1,25,979
₹22 लाख₹2,40,500₹1,52,092₹4,28,251₹1,36,446
₹25 लाख₹3,19,800₹1,68,983₹5,21,851₹1,52,146
₹30 लाख₹4,75,800₹1,95,150₹6,77,851₹1,78,312
₹35 लाख₹6,31,800₹2,21,317₹8,33,851₹2,04,479
₹40 लाख₹7,87,800₹2,47,483₹9,89,851₹2,30,646
₹50 लाख₹10,99,800₹2,99,817₹13,01,851₹2,82,979

मासिक सैलरी से इन-हैंड

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कौन सी व्यवस्था बेहतर है?

बिना बड़ी कटौतियों वाले ज़्यादातर नौकरीपेशा लोगों के लिए नई व्यवस्था बेहतर है — कम स्लैब दरें, ₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन और ₹12 लाख तक कर योग्य आय पर शून्य टैक्स। पुरानी व्यवस्था तभी जीतती है जब 80C, HRA, होम-लोन ब्याज आदि मिलाकर लगभग ₹3.5–4.5 लाख से ज़्यादा हों; ऊपर की तालिका हर सैलरी के लिए दोनों दिखाती है।

इन-हैंड सैलरी कैसे निकलती है?

ग्रॉस सैलरी में से आयकर (स्टैंडर्ड डिडक्शन और पुरानी व्यवस्था में 80C/HRA घटाकर), कर्मचारी PF (बेसिक का 12%, बेसिक = ग्रॉस का 50% माना) और प्रोफेशनल टैक्स घटाएँ। नियोक्ता PF और ग्रेच्युटी CTC का हिस्सा हैं, ग्रॉस सैलरी का नहीं।